[ Best ] Teacher Daily Diary Kaise Likhe | Adhyapak Dainik Diary Kaise Bhare | Shikshak Diary Kaise Bhare ; Adhyapak Diary Kaise Bhare

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अध्यापक दैनन्दिनी (teacher diary) शिक्षक डायरी

अध्यापक को अपने कार्य-शिक्षण योजना, शिक्षण-प्रक्रिया, शिक्षण विधि, विद्यार्थियों के मूल्याकन, उनकी उपस्थिति गणना, प्रधानाध्यापक के अनुदेश, उपचारात्मक शिक्षण आदि की पूर्व योजना के संक्षिप्त अभिलेख रखने हेतु जो स्वीकृत प्रारूप में पुस्तिका होती है, उसे अध्यापक दैनन्दिनी कहा जाता है।

अध्यापक के कार्य का, जिसमें समस्त क्रियाओं की नैदानिक सम्प्राप्ति निहित मानी जाती है। शिक्षक के लिए आवश्यक रूप से कार्य संचालन की एक महन्ती परन्तु नित्य पूर्व क्रियात्मक क्रिया हैं। जो शिक्षक छात्र दोनों के हित के लिए तथा उनके भावपूर्ण सम्बन्धों के लिए भी अति आवश्यक हैं।

दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि शिक्षकों के नियमित व व्यवस्थित कार्य संचालन के लिए तथा योजनानुरूप अभ्यास क्रम पूरा करने के लिए प्रत्येक अध्यापकों को दैनन्दिनी रखना आवश्यक होता हैं। अध्यापक दैनन्दिनी दैनिक शिक्षक की पूर्व तैयारी, क्रमबद्ध व व्यवस्थित शिक्षक समय चक्रानुरूप कार्य कलापों को व्यवस्थित करने छात्रों को नियमित गृहकार्य देने तथा मूल्यांकित करने के लिए अति आवश्यक हैं तथा अध्यापक हेतु एक महत्वपूर्ण सहचर के लिए साधन हैं।

  • प्रारंभ में शिक्षक को अपनी व्यक्तिगत पहचान जैसे शिक्षक का नाम, शिक्षण विषय, कक्षा शिक्षक, उसका पता और टेलीफोन नंबर आदि प्रदान करना होगा।
  • व्यक्तिगत समय-सारणी एवं उसकी कक्षा की समय सारणी के खाली प्रोफार्मा को कॉपी कर लेना है।
  • निर्धारित कक्षाओं के विषय और उनके पाठ्यक्रम को डायरी में लिखना होगा।
  • अंतिम कमजोर में पढ़ाए गए विषयों की सामग्री की मात्रा नियमित और लगातार दर्ज की जाती है।
  • यदि कोई विषयवस्तु नहीं पढ़ाई जा सकी तो कमजोर में उसे कारण बताना होगा। छुट्टी या अन्य कारणों से स्कूल बंद रहते हैं।
  • विद्यार्थी के आंतरिक मूल्यांकन अंकों का रिकॉर्ड भी शिक्षक डायरी में रखा जाता है।
  • प्रिंसिपल को हर महीने हस्ताक्षर करने होते हैं, शिक्षक को हर रिकॉर्ड पर अपने हस्ताक्षर करने होते हैं।
  • शिक्षक को अपनी शिक्षण गतिविधियों का प्रबंधन स्कूल कैलेंडर के अनुसार करना होगा।
  • पाठ्यक्रम अर्धवार्षिक एवं वार्षिक परीक्षाओं से पहले पूरा किया जाना है।
  • शिक्षक को स्कूल के अन्य कार्यक्रमों और गतिविधियों में अपनी भागीदारी का उल्लेख करना होगा।
  • अपनी डायरी को अद्यतन ( update ) बनाना शिक्षक का दायित्व है।

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