VMOU Paper with answer ; VMOU HD-04 Paper BA 2nd Year , vmou hindi litrature important question

VMOU HD-04 Paper BA 2nd Year ; vmou exam paper 2023

vmou exam paper

नमस्कार दोस्तों इस पोस्ट में VMOU BA 2nd Year के लिए हिन्दी साहित्य ( HD-04 , हिन्दी साहित्य का इतिहास) का पेपर उत्तर सहित दे रखा हैं जो जो महत्वपूर्ण प्रश्न हैं जो परीक्षा में आएंगे उन सभी को शामिल किया गया है आगे इसमे पेपर के खंड वाइज़ प्रश्न दे रखे हैं जिस भी प्रश्नों का उत्तर देखना हैं उस पर Click करे –

Section-A

प्रश्न-1. भारतेन्दु युग के दो प्रमुख साहित्यकारों के नाम लिखिए ?

उत्तर:-

(जिस भी प्रश्न का उत्तर देखना हैं उस पर क्लिक करे)

प्रश्न-2. भक्तिकाल की किन्हीं दो रचनाओं के नाम लिखिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-3. आदिकाल को वीरगाथाकाल नामकरण क्यों दिया गया ?

उत्तर:-“वीरगाथाओं की प्रचुरता और उनकी लोकप्रियता” को माना गया। 1929 ई. में प्रकाशित तथा शुक्ल जी द्वारा लिखित प्रथम तर्क संगत एवं अधिकांश विद्वानों द्वारा प्रमाणित “हिन्दी साहित्य का इतिहास” में आदिकाल (1050- 1375 ई.) को “वीरगाथा काल” नाम दिया गया । इस नामकरण का मुख्य आधार उस समय “वीरगाथाओं की प्रचुरता और उनकी लोकप्रियता” को माना गया

प्रश्न-4. सूफी काव्यधारा की तीन विशेषताएँ लिखिए ?

उत्तर:-

  • (1) प्रेम का महत्व: सूफी काव्य की सर्वप्रथम विशेषता उनमें प्रेम का उद्याम वेग है। …
  • (2) विरह-भावना का आधिक्य: सूफी काव्यों का प्रेम विरह-प्रधान है। …
  • (3) इतिहास एवं कल्पना का समन्वय: सूफी काव्य या प्रेमाख्यान परंपरा का प्रारंभ ‘व्रहत्कथा’ एवं ‘कथासरित्सागर’ से हुआ।
प्रश्न-5. द्विवेदी युग को सुधारवादीयुग क्यों कहा जाता है ?

उत्तर:-बालकृष्ण भट्ट, प्रतापनारायण मिश्र, बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’, राधाचरण गोस्वामी एवं रायकृष्णदास

प्रश्न-6. तार सप्तक से क्या तात्पर्य है ?

उत्तर:-तार सप्तक एक काव्य संग्रह है। अज्ञेय द्वारा 1943 ई० में नयी कविता के प्रणयन हेतु सात कवियों का एक मण्डल बनाकर तार सप्तक का संकलन एवं संपादन किया गया। तार सप्तक नयी कविता का प्रस्थान बिंदु माना जाता है। इसका ऐतिहासिक महत्त्व इस रूप में है कि इसी संकलन से हिन्दी काव्य साहित्य में प्रयोगवाद का आरम्भ होता है।

प्रश्न-7. रीतिसिद्ध काव्यपरम्परा के प्रसिद्ध कवि का नाम लिखिए ?

उत्तर:-बिहारी, बेनी वाजपेयी, कृष्णकवि, रसनिधि, नृप शंभुनाथ सिंह सोलंकी, नेवाज, हठी जी, रामसहाय दास ‘भगत’, पजनेस, द्विजदेव, सेनापति, वृंद तथा विक्रमादित्य आदि रीतिसिद्ध कवि हैं।

प्रश्न-8. संस्मरण किसे कहते हैं ?

उत्तर:-स्मरण एक मानसिक प्रक्रिया है। जिसमें व्यक्ति धारण की गयी विषय वस्तु का पुन: स्मरण करने चेतना में लाकर उसका उपयोग करता है। किसी विषय वस्तु के धारण के लिए सर्वप्रथम विषय वस्तु का सीखना आवश्यक है। बालमुकुंद गुप्त द्वारा सन् 1907 में प्रतापनारायण मिश्र पर लिखे संस्मरण को हिंदी का प्रथम संस्मरण माना जाता है।

प्रश्न-9. ललित निबन्ध किसे कहते हैं ?

उत्तर:-

प्रश्न-10. आदिकाल का नामकरण ‘बीजवपनकाल’ किसने किया है ?

उत्तर:-आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

प्रश्न-11. आदिकाल की समय सीमा लिखिए ?

उत्तर:-8वीं शताब्दी से लेकर 14वीं शताब्दी के मध्य तक के काल को आदिकाल कहा जाता है।

प्रश्न-12. चार ऐतिहासिक उपन्यासों के नाम बताइए ?

उत्तर:-

प्रश्न-13. रामभक्ति काव्यधारा की प्रमुख कृति कौनसी है ? उस कृति के रचनाकार का नाम लिखिए ?

उत्तर:-‘रामचरित मानस’ जिसके रचनाकार तुलसीदास जी हैं ।

प्रश्न-14. रीतिमुक्त और रीतिसिद्ध काव्यधारा में अंतर स्पष्ट कीजिए ?

उत्तर:-रीतिबद्ध काव्य के अन्तर्गत वे ग्रन्थ आते हैं, जिनमें काव्य-तत्त्वों के लक्षण देकर उदाहरण के रूप में काव्य-रचनाएँ की जाती हैं, जब कि रीतिमुक्त काव्यधारा की रचनाओं में रीति–परम्परा के साहित्यिक बन्धनों एवं रूढ़ियों से मुक्त; स्वच्छन्द रचनाएँ।

प्रश्न-15. नई कहानी की शैलीगत विशेषताएँ लिखिए ?

उत्तर:-हिन्दी की नयी कहानियों में आज के युग की दिशाहीनता, उत्कण्ठा, उलझन, मानसिक भटकाव और अन्तर्द्वन्द्वों का सजीव चित्रण नये शैली-विधान में किया गया है। नयी कहानियों का मुख्य उद्देश्य जीवन के भोगे हुए यथार्थ को आधुनिक भाव-बोध के धरातल पर प्रस्तुत करना है।

प्रश्न-16. एकांकी और नाटक में मुख्य अंतर बताइए ?

उत्तर:-एक नाटक में चरित्र के विकास की गतिविधियों को दर्शाया जाता है जबकि एकांकी में पात्र के क्रियाकलापों एवं चरित्रों का संयोजन किया जाता है। नाटक में कई किरदारों एवं पात्रों की मौजूदगी होती है जबकि एकांकी में पात्रों की संख्या कम से कम होती है।

प्रश्न-17. किसी एक कथेतर गद्य विधा का परिचय दीजिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-18.तुलसीदास ने किन भाषाओं में रचना की है ?

उत्तर:-अवधी और ब्रज

प्रश्न-19. बिहारी की रचना का नाम लिखिए ?

उत्तर:-सतसई

प्रश्न-20.भारतेन्दु द्वारा सम्पादित पत्रिकाओं के नाम लिखिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-21. नयी कविता के किन्हीं दो कवियों के नाम लिखिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-22.हिन्दी का पहला उपन्यास किसे माना जाता है ? उसके लेखक का नाम लिखिए ?

उत्तर:-भाग्यवती 1888 में शारदा राम फिल्लौरी का उपन्यास है। यह पुस्तक अब हिंदी के पहले उपन्यासों में से एक मानी जाती है। इससे पहले, लाला श्री निवास ने अपना हिंदी उपन्यास परीक्षा गुरु लिखा था, जो 1882 में प्रकाशित हुआ था। माना जाता है कि भाग्यवती मुख्य रूप से अमृतसर में लिखी गई थी और पहली बार 1888 में प्रकाशित हुई थी।

प्रश्न-23.आचार्य रामचन्द्र की आलोचना दृष्टि को समझाइए ?

उत्तर:-

प्रश्न-24. एकांकी को परिभाषित कीजिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-25. आदिकाल की दो रचनाओ के नाम लिखिए ?

उत्तर:-

Section-B

प्रश्न-1. संत काव्य और सूफी काव्य की तुलना कीजिए ?

उत्तर:-संत साधक ब्रह्म को ज्ञानगम्य मानते हैं और उसकी प्राप्ति के लिए ये योग साधना पर बल देते हैं। जबकि सूफी साधक अपनी साधना में ज्ञान का हमेशा निषेध करते हैं, यहाँ प्रेम को जीवन के चरम मूल्य के रूप में स्वीकार किया गया है।

संत काव्य और सूफी काव्य दो अलग साहित्यिक परंपराएँ हैं, जो भक्ति और आध्यात्मिकता को अपने व्यक्तिगत दृष्टिकोण से दर्शाती हैं।

संत काव्य भारतीय संतों और कवियों द्वारा लिखा जाता है और यह विशेष रूप से हिन्दू धर्म के भगवान के प्रति भक्ति को व्यक्त करता है। संत कवियों के द्वारा भगवान के प्रति अपने अद्वितीय प्रेम और भक्ति का वर्णन किया जाता है, और वे अपनी कविताओं में आत्मा के साथ एकता की महत्वपूर्ण मान्यता रखते हैं।

सूफी काव्य विशेष रूप से इस्लामिक सूफी तालिमों के अनुसरण करता है और यह उर्दू, पर्सियन, और अरबी में लिखा जाता है। इसमें जादूगरी और अल्लेगोरिकल भाषा का प्रयोग किया जाता है, जिससे आत्मा के खोज के धार्मिक सिद्धांतों का उपयोग किया जाता है। सूफी कवियों के द्वारा आत्मा के खोज, भगवान के प्रति इश्क़, और आध्यात्मिक जागरूकता का वर्णन किया जाता है, और वे अपनी कविताओं में आत्मा को भगवान के साथ एक करने की प्रक्रिया को दर्शाते हैं।

(जिस भी प्रश्न का उत्तर देखना हैं उस पर क्लिक करे)

प्रश्न-2. प्रयोगवादी काव्यधारा की विशेषताओं का वर्णन कीजिए ?

उत्तर:-

  1. नवीन उपमानों का प्रयोग …
  2. वैयक्तिकता की प्रधानता …
  3. प्रेम भावनाओं का खुला चित्रण …
  4. यौन-भावनाओं का खुला चित्रण …
  5. बुद्धिवाद की प्रधानता …
  6. वैचित्र्य प्रदर्शन की भावना …
  7. सौंदर्य के प्रति व्यापक दृष्टिकोण …
  8. निराशावाद की प्रधानता
प्रश्न-3. रासो साहित्य की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए ?

उत्तर:-रासो साहित्य की प्रमुख विशेषताएँ –

चारण कवियों की संकुचित मानसिकता देखने को मिलती है। इनमें डिंगल और पिंगल शैली का प्रयोग हुआ है। युद्ध व प्रेम का अधिक वर्णन होने के कारण इसमें श्रृंगार और वीर रस की प्रधानता है। इनकी प्रमाणिकता संदिग्ध व अर्द्धप्रमाणिक मानी जाती है।

प्रश्न-4. आचार्य शुक्ल के काल विभाजन का उल्लेख करते हुए कालविभाजन की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए ?

उत्तर:-आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने भारतीय साहित्य को चार युगों (कालों) में विभाजित किया था, जिन्हें आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल, और आधुनिक काल कहा गया है। इस कालविभाजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय साहित्य के विकास और प्रगति के विभिन्न माध्यमों और प्राथमिकताओं को समझने में मदद करना है।

  • आदिकाल (वीरगाथाकाल, संवत् 1050-1375)
  • पूर्व मध्यकाल (भक्तिकाल, संवत् 1375-1700)
  • उत्तर मध्यकाल (रीतिकाल, संवत् 1700-1900)
  • आधुनिक काल (गद्यकाल, संवत् 1900-1984)

कालविभाजन की आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से प्रकट होती है:

  1. साहित्य के विकास का प्रतीक: कालविभाजन साहित्य के विकास और प्रगति को साफ रूप से प्रकट करता है। यह बताता है कि भारतीय साहित्य कैसे विभिन्न कालों में अपनी विशेषता और स्वरूप में बदला और विकसित हुआ।
  2. ऐतिहासिक महत्व: कालविभाजन भारतीय साहित्य के ऐतिहासिक महत्व को सुनिश्चित करने में मदद करता है। यह युगों के अनुसार साहित्यिक और सांस्कृतिक परिपेक्ष्य को समझने में सहायक होता है।
  3. लेखकों के दृष्टिकोण का प्रदर्शन: कालविभाजन यह भी दिखाता है कि विभिन्न कालों के लेखक किस प्रकार के विचारों, मूल्यों, और दृष्टिकोणों को प्रस्तुत करते थे।
  4. शिक्षा और अध्ययन के लिए उपयोगकर्ता: कालविभाजन शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह विद्यार्थियों को साहित्य के विभिन्न प्रकार और समय के साथ जोड़ने में मदद करता है।

आचार्य शुक्ल का कालविभाजन भारतीय साहित्य की समृद्धि और विविधता को समझने में हमारी सहायक होता है और इसे एक ऐतिहासिक संदर्भ में स्थापित करता है।

प्रश्न-5. सूफी काव्य परम्परा के प्रमुख कवियों का वर्णन कीजिए ?

उत्तर:-सूफी कवियों में मुल्ला दाउद (चंदायन),मंझन (मधु-मालती), कुतुबुन (मृगावती), कासिमशाह, उस्मान, शेखनबी आदि हैं। मलिक मुहम्मद जायसी इस काव्य के प्रतिनिधि कवि है, तथा उनका पद्मावत इस काव्य का प्रतिनिधि ग्रंथ है। सूफी कवियों के काव्य के आधार पर इस काव्यधारा में निम्नलिखित प्रवृत्तियाँ दृष्टिगोचर होती हैं।

प्रश्न-6. आधुनिक काल का साहित्य विषय और शैली दोनों दृष्टियों से पूर्ववर्ती साहित्य से किस प्रकार भिन्न है ? समझाइए

उत्तर:-

प्रश्न-7. शुक्लयुगीन आलोचना पर प्रकाश डालिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-8. आधुनिक हिन्दी के विकास में महावीर प्रसाद द्विवेदी के योगदान को रेखांकित कीजिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-9. . आदिकालीन काव्य का वर्गीकरण करते हुए प्रमुख प्रवृत्तियों को स्पष्ट कीजिए ?

उत्तर:-आदिकालीन साहित्य की प्रमुख प्रवृत्तियाँ एवं विशेषताएँ

  1. ऐतिहासिकता का महत्त्व
  2. युद्ध-वर्णन में सजीवता
  3. संकुचित राष्ट्रीयता
  4. आश्रयदाताओं की प्रशंसा
  5. प्रामाणिकता में संदेह
  6. कल्पना की प्रचुरता
  7. वीर एवं शृंगार रस की प्रधानता
  8. शृंगारिकता
प्रश्न-10. भक्तिकाल को हिन्दी साहित्य का स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है ? तर्क सहित विवेचना कीजिए ?

उत्तर:-इस काल को भक्ति का स्वर्ण युग कहा गया है क्योंकि इस काल में संत कबीर, जायसी, तुलसीदास, सूरदास इन समकालीन कवियों ने अपनी रचनाओं का निर्माण कर भक्ति को चरम पर पहुँचाया । उपासना भेद की दृष्टि से इस काल के साहित्य को दो भागों में बाँटा गया है । एक सगुण भक्ति और दूसरा निर्गुण भक्ति ।भक्ति कालीन साहित्य अपने पूर्ववर्ती एवं परवर्ती काल के साहित्य से निसंदेह उत्तम है | आधुनिक काल का व्यापक एवं वैविध्य पूर्ण साहित्य अनुभूति की गहनता एवं भाव प्रवाह की दृष्टि से भी भक्ति कालीन साहित्य के समकक्ष नहीं हो सकता। इसी विशेषता को देखते हुए विद्वानों ने “भक्तिकाल को हिन्दी साहित्य का स्वर्ण युग कहा है। “

प्रश्न-11. ‘राष्ट्रीय सांस्कृतिक काव्यधारा’ के भाव और शिल्प पक्ष पर विचार लिखिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-12. हिन्दी साहित्य में भारतेन्दु के योगदान को विवेचित कीजिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-13. छायावादी काव्य की अभिव्यंजना पद्धति पर युक्तियुक्त विवेचना कीजिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-14. हिन्दी के किसी एक प्रसिद्ध उपन्यास की तात्त्विक समीक्षा कीजिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-15. आदिकाल के नामकरण पर प्रकाश डालिए ?

उत्तर:-आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने साहित्यिक प्रवृत्तियों के आधार पर इसका नामकरण वीरगाथा काल तो किया था, फिर भी सर्वप्रथम उन्होंने ही इसका नाम आदिकाल लिखा था। आदिकाल नाम की स्वीकृति डॉ० हजारी प्रसाद द्विवेदी ने भी दी है। उन्होंने लिखा है कि “यदि पाठक भ्रामक धारणा से सावधान रह सके तो यह नाम बुरा नहीं है।”

प्रश्न-16. हिन्दी निबंध की विकास यात्रा पर लेख लिखिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-17. छायावादी कवि जयशंकर प्रसाद की काव्यगत विशेषताओं को रेखांकित कीजिए ?

उत्तर:- जयशंकर प्रसाद के काव्य की भाव-पक्ष की विशेषताएं

  1. भावयमता भाव तो प्रसाद जी के काव्य का प्राण है। …
  2. कल्पना की प्रधानता …
  3. रूपकात्मकता …
  4. वेदना और निराशा का स्वर …
  5. मानवतावाद …
  6. प्रकृति वर्णन …
  7. रहस्यवाद
प्रश्न-18. हिन्दी नाटक के विविध तत्त्वों की समीक्षा कीजिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-19. रामकाव्य परंपरा में तुलसीदास के अवदान को रेखांकित कीजिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-20. सूफी काव्य की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-21. प्रयोगवाद की काव्यगत विशेषताओं पर प्रकाश डालिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-22. नई कहानी आन्दोलन पर टिप्पणी लिखिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-23. शुक्लोत्तरयुगीन हिन्दी आलोचना का परिचय प्रस्तुत कीजिए ?

उत्तर:-

Section-C

प्रश्न-1. हिन्दी कहानी साहित्य में प्रेमचन्द के अवदान को रेखांकित कीजिए ?

उत्तर:-प्रेमचंद का कथा साहित्य उस समय में जितना यथार्थवादी था आज के समय में भी उन सभी मूल्यों और मापदंडों पर खरा उतरता है ऐसा कहना कदाचित उचित है। प्रेमचंद की रचनाओं में किसान, स्त्री, गरीब और श्रमिकों के जीवन का मार्मिक चित्रण किया गया है तथा इनके जीवन पर अनेकों कहानियों और उपन्यासों को लिखा गया है

(जिस भी प्रश्न का उत्तर देखना हैं उस पर क्लिक करे)

प्रश्न-2. निर्गुण भक्ति काव्य परम्परा के प्रमुख कवियों पर प्रकाश डालते हुए निर्गुण भक्ति काव्यधारा की प्रवृत्तियों का विवेचन कीजिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-3. कृष्णभक्ति काव्यधारा में संवेदना और शिल्पगत विशेषताओं का वर्णन कीजिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-4. . आदिकालीन काव्य की प्रमुख विशेषताओं को विवेचित कीजिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-5. ‘रीतिकाल’ पर एक लेख लिखिए ?

उत्तर:-

प्रश्न-6. भारतेन्दुयुगीन काव्य प्रवृत्तियों का विवेचन कीजिए ?

उत्तर:-

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